वह एक ऐसी बेटी है जो अपने परिवार से कभी कुछ नहीं कहती,जो कभी यह नहीं पूछती कि उसका दिल ठीक है या नहीं।हालाँकि वह अपने कठिन दिनों और दिल के सारे बोझ के बारे में खुलकर बात करना चाहती है,फिर भी वह सब कुछ अपने अंदर ही छुपा लेती है।वह मुस्कुराती है और ऐसे हँसती है जैसे सब ठीक हो।वह खुद को ठीक दिखाती है क्योंकि वह किसी पर बोझ नहीं बनना चाहती।वह अपने आँसू रोक लेती है क्योंकि उसे लगता है कि कोई सच में उसे समझ नहीं पाएगा।वह उन लड़कियों में से है जो सबको सहारा देती