मछलीवाली "मच्छी लेलो मच्छी......... । " उमा जोर से हांका लगाती हुई मछली बाज़ार से निकल कर बस्ती की ओर बढ़ने लगी। उमा के सर पर मछली की टोकरी है;जिसे एक हाथ से पकड़ा है।दूसरा हाथ हिला - हिला कर पूरी अदा के साथ कमर हिलाती हुई, गलियों में वो जोर से आवाज़ लगाती है "मच्छी....... ताजी ताजी मच्छी। " उमा किसी नायिका की तरह ही खूबसूरत और जवान है। वो जब गलियों में मछली लेकर निकलती तो कई ऐसे लोग भी मछली का भाव पूछ लेते जो मछली को हाथ भी नहीं लगाते। उमा सब समझती है और कई