चांद सा इश्क़ - 1

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आसमान में काले बादल छाए थे… और सड़क पर फैली हल्की-सी धुंध उस रात को और भी खामोश बना रही थी।दिल्ली–जयपुर हाईवे… रात के लगभग 11:47 बजे सड़क पर एक सफेद कार अचानक झटके से रुकती है।“शीट यार!”कार के अंदर बैठी महर खन्ना ने स्टीयरिंग पर हाथ मारते हुए गुस्से से कहा।उसकी आँखों में हल्की-सी घबराहट थी… लेकिन उससे ज्यादा फस्ट्रेशन “इसको भी उसी वक्त बंध होना था…”उसने इग्निशन बार-बार घुमाया लेकिन कार जैसे उसकी हालत पर हंस रही हो स्टार्ट होने का नाम ही नहीं ले रही थी।बारिश तेज हो चुकी थी और आसपास सिर्फ अंधेरा ना कोई गाड़ी,