Episode 8 — जब ख़ामोशी बोलने लगेरात काफ़ी देर तक नींद नहीं आई।Priyam बिस्तर पर करवटें बदलती रही,छत को घूरते हुए जैसे अपने ही सवालों के जवाब ढूँढ रही हो।Yaman की बातें उसके दिमाग़ में घूम रही थीं—“पीछे हटना भी एक सही कदम हो सकता है।”अजीब था।पहली बार किसी ने उसे यह एहसास दिलाया थाकि ना कहना भी उतना ही जायज़ हैजितना हाँ कहना।लेकिन डर…डर अब भी वहीं था।सुबह जब उसकी आँख खुली,तो घर में सामान्य-सी हलचल थी।माँ रसोई में थीं,बर्तन की आवाज़ें आ रही थीं,जैसे सब कुछ बिल्कुल ठीक हो।लेकिन Priyam जानती थी—सब कुछ ठीक दिख रहा है,है नहीं।वह