मौत से भागती दुल्हन - 3

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शुभिका लगभग चीख पड़ी -अर्णव भागो!!उसकी आँखों में डर साफ था। लेकिन उससे ज्यादा डर अर्णव के लिए था। अर्णव ने सिर हिलाया।वो बोला - नहीं Ma’am!मैं आपको छोड़कर नहीं जा सकता!उसकी आवाज़ काँप रही थी…लेकिन वो सच में शुभिका को अकेला छोड़ना नहीं चाहता था। शुभिका ने उसका हाथ कसकर पकड़ा।वो बोली - पागल मत बनो!ये लोग तुम्हें मार देंगे!उसकी आँखों से आँसू बह निकले।वो बोली - भागो यहाँ से…और ये खबर मेरे घर तक पहुँचा देना…अपने mummy papa को लेकर कहीं छिप जाना…अर्णव समझ चुका था…शुभिका अब खुद को बचाने की उम्मीद छोड़ चुकी है। उसकी आँखें लाल हो गईं।वो बोला