रिया और आरव की कहानी किसी फिल्म जैसी नहीं थी।ना उनमें बड़े-बड़े वादे थे, ना हर दिन “आई लव यू” कहने की आदत।लेकिन फिर भी उनके बीच कुछ ऐसा था, जो बहुत गहरा था… इतना गहरा कि दोनों एक-दूसरे की आदत बन चुके थे।रिया की सुबह आरव के मैसेज से शुरू होती थी —“उठ गई?”और रात उसके उसी पुराने वाक्य पर खत्म होती —“अब सो जाओ, मैं यहीं हूँ।”शायद आरव को कभी एहसास भी नहीं हुआ कि उसकी ये छोटी-छोटी बातें रिया के लिए कितनी बड़ी थीं।जब भी रिया उदास होती, आरव बिना पूछे समझ जाता।वो उसे हँसाने के लिए