Part 2March 2025 उस रात मैं बिल्कुल सो नहीं पाई। बार बार वही डायरी मेरे दिमाग में घूम रही थी। हर पन्ने में जैसे कोई राज छुपा था… और सबसे ज़्यादा मेरे दिल को जो नाम छू रहा था, वह था — अभिनव।पता नहीं क्यों, पर उसका नाम पढ़ते ही दिल में एक अजीब सी फीलिंग होने लगती थी। जैसे मैं उसे पहले से जानती हूँ। जैसे उसकी कहानी कहीं न कहीं मेरी ज़िंदगी से जुड़ी हुई हो।अगली सुबह मैंने सबसे पहले वही डायरी उठाई। कमरे में बिल्कुल शांति थी। बाहर हल्की हल्की हवा चल रही थी और मेरे हाथ थोड़े