भानगढ़: रात 11:47

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मैं आज तक नहीं मानता था कि जगहें याद रखती हैं। पत्थर सिर्फ पत्थर होते हैं।20 अक्टूबर 2019 की रात ने वो भरोसा तोड़ दिया। तब से मैं भानगढ़ का नाम सुनते ही कंधे झटक देता हूँ, जैसे कोई ठंडी हवा गर्दन के पीछे से निकल गई हो।ये कहानी मैंने पुलिस को भी पूरी नहीं बताई थी। FIR में "भूत" लिखने से केस बंद हो जाता है। मैं विक्रम सिंह शेखावत हूँ, जयपुर से। 2016 से ट्रैवल डॉक्यूमेंट्री करता हूँ, चैनल का नाम "रास्ता"। 2019 में एक OTT प्लेटफॉर्म ने हमें एक सीरीज़ दी थी, "रात के बाद इंडिया"। शर्त