गुरु की नगरी, अमृतसर ने जितने अच्छे बुरे अनुभव उतराव चढाव देखे है, विश्व के बिरले ही नगरों ने देखे होंगें. ज्यादा पुराना नहीं है यह नगर केवल साढ़े चार वर्ष पुराना ही तो है, जब इसे चौथे सिक्ख गुरु राम दास जी ने इसे पवित्र अमृत सरोवर के इर्दगिर्द बसाया था. उन्होंने ही पहले अमृत सरोवर को खुदवाया था और वहीँ पवित्र हरमंदिर साहेब का निर्माण कराया था, जिसकी नींव एक मुस्लिम संत हज़रत मियाँ मीर से रखवाई थी. बाद में महाराजा रणजीत सिंह ने सोने की परत चढवा कर इसे स्वर्ण मंदिर अर्थात गोल्डन टेम्पल के नाम से