मुक्त - भाग 14

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 (एक लकीर का धारावाहिक) परसुत करने को हूँ, मगर ये बात कहने को याद आ गयी बिलकुल टाइम पर।                                  (एक लकीर ) कहने को जो मर्ज़ी कह लो, खुली छूट है। महत्मा ज़ी ने कितना कहा था " धर्म किसी से मत जोड़ो, शांत रहो, मत लड़ो, भारत मे ही एक लकीर कयो हद कयो, मुस्लिम का वखरा सूबा बन जायेगा जिया ज़ी, धर्म मे रूचि नहीं लोगो की एक देश मे जिसे हम भारत कहते है। " जिया को ये बात हजम नहीं होती थी,