श्रापित एक प्रेम कहानी - 82

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अघोरी कहता है"" हम्म्..! ठीक है । दक्ष ये बात मेरे और तुम्हारे बिच ही रहनी चाहिए इस बारे मे चेतन को पता नही चलनी चाहिए ।" दक्षराज हैरानी से कहता है:" पर चेतन तो आपका ...! "इतना बोलकर दक्षराज रुक जाता है , अघोरी कहता है:" दक्ष तुम्हे जितना कहा गया हो उतना ही करों । जी जी बाबा ..!"दक्षराज कहता है: अघोरी कुछ सौचते हूए कहता है:" अब मुझे ही इस बात का पता लगाना होगा के वो मणी किसके पास है। क्योकी अब देत्य यहां आने लगे है और अगर वो मणी हमे नही मिला तो वो देत्य इस पुरे