Ishq ka Ittefaq - 7

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मेहरा मेंशन के लिविंग रूम में सन्नाटा इतना भारी था कि वहां खड़ी पुरानी घड़ी के पेंडुलम की आवाज भी किसी हथौड़े की तरह कान में बज रही थी। कबीर अपने सोफे पर बैठा था, उसके पैर मेज पर थे और आंखों में वो खौफनाक चमक थी जो सिर्फ तब आती थी जब कोई उसके साम्राज्य में सेंध लगाने की हिम्मत करता था।उसके सामने सिक्योरिटी हेड शर्मा खड़ा पसीने से नहा रहा था। शर्मा, मैंने तुमसे सिर्फ दस मिनट मांगे थे। अब आधा घंटा होने को आया है। फुटेज कहाँ है? कबीर की आवाज इतनी धीमी और ठंडी थी कि