जब आँख खुली… तो अस्पताल का सफेद कमरा था…ताई जी और सास दोनों उसके पास बैठे थे।चेहरे पर चिंता भी थी… और कुछ उम्मीद भी।और तभी डॉक्टर ने मुस्कुराते हुए कहा —"बधाई हो… महक… तुम माँ बनने वाली हो!",सास खुशी खुशी बोली..."मंदिर की चौखट पर बैठी थी ना तुम ..तो खुद भगवान आने वाले है हमारे घर...कृष्ण भगवान आने वाले है"महक की आँखों से आँसू बह निकले…पर इस बार वो आँसू सिर्फ दुःख के नहीं थे…ये प्रार्थना मे किये गये प्रश्नो का उतर् था...…उतर था......" कान्हा" ---------------मार्च का आखिरी हफ्ता था...सर्दियाँ विदा ले