ज़ेबा का मंसूबा बादल को पसंद आया और वह उसे अमली जामा पहनाने के लीये नीकल पड़े. तभी अम्मी ने आवाज लगाई," अरे बेटा थोडा सा सज संवर तो लो," कहते हुए अम्मी ने बादल के कंधे की पट्टी नीकाल कर फेंक दी फिर एक चाकू से उसके जीस्म पर कुछ घाव के नीशान बना दिये. इस तरह फिर ज़ेबा के जीस्म पर भी अम्मी ने उस ही तरह घाव के नीशान बनाये ताकी दुश्मनों को यह लगे की सच में वह सब उसके साथ हुआ था. फिर वह दोनों घर से नीकले और एकदुसरे की वीपरीत दिशा में नीकल