प्यार की परीभाषा - 1

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ये मेरी पहली लव स्टोरी होने वाली है इसलिए थोड़ी बहुत गलती हुई तो माफ़ करिएगा और फोलो भी कर लिजिए 100 फोलो बैंक मिलेगा।सुबह की हल्की धूप खिड़की के पर्दों से छनकर कमरे में फैल रही थी रसोई से बर्तनों की आवाज़ और मसालों की खुशबू पूरे घर में घुल चुकी थी। घर के बाकी लोग अभी अपने-अपने कमरों में थे, लेकिन रवीना काफी पहले उठ चुकी थी।रवीना ने चुपचाप चूल्हे पर रखा दूध उतारा और आटा गूंथते हुए अपने चेहरे से पसीने की बूंदें पोंछ लीं… उसके चेहरे पर थकान थी, पर आदत भी थी। जैसे ये सब