"त्रिशा.........." "जल्दी कर लो ना यार!!!!!!! आधे दिन की ही छुट्टी मेरी!!!!!!! जल्दी चलो ना!!!!!!" बाहर से आते राजन की तेज आवाज ने त्रिशा को उसके ख्यालों से जगाया और वह अपने विचार दर किनार करके बोली," अरे बस पांच मिनट हो गया!!!!!!!! आ रही हूं!!!!!!" आज राजन और त्रिशा दोनों गुनगुन का एडमिशन करने के लिए स्कूल जा रहे है। और इसके लिए राजन आधे दिन की छुट्टी पर है और इस आधे दिन में उसे वापस आकर अपनी मां का चैक अप भी कराना है ताकि अगली छुट्टी वह पूरी तरह से अपने स्टार्ट अप में इस्तेमाल कर सके। तैयार होने के