भाग 4: रूपा: एक रहस्यमयी पहेलीभार्गव के लिए रूपा एक ऐसी किताब थी जिसे वह बार-बार पढ़ना चाहता था, लेकिन हर बार उसे एक नया पन्ना अधूरा मिलता। अब तक भार्गव ने रूपा को सिर्फ उसकी आवाज़ और उसके मैसेजेस के ज़रिए जाना था, लेकिन उसके मन की परतों में क्या चल रहा था, यह अब भी एक रहस्य था।रूपा का संसाररूपा का शहर उत्तर प्रदेश के एक ऐसे हिस्से में था जहाँ शाम होते ही बाज़ार बंद हो जाते थे और लोग अपने घरों में सिमट जाते थे। भार्गव ने गूगल मैप्स पर कई बार उसके शहर की गलियों