-------------कॉलेज एंड हो गया था।.चारू पहले ही अमर की क्लास छोड चुकी थी और अब नैना से नोट्स लेकर डोर्म मे कम्प्लीट कर रही थी। पॉलिटिकल साइंस एज जनरल इलेक्टिव...इम्पोर्टेंट था । लेकिन दिमागी खपत बहुत ज्यादा। चारू ने फ्रस्ट्रेट होकर किताब बंद कर दी। उसने टाईम देखा तो 7 बज रहे थे। पहले ही अंधेरा हो गया था। लेकिन चारू का मन कुछ अशांत था। उसने जेकिट उठाई और डोर्म से बाहर निकल गई। कान मे ईयर फोन लगाए और एक किताब लिए टहलने चली गई। उसने चलते चलते बांया मोड काटा और अब वो जंगल देख सकती थी। चारू के चेहरे