गाँव में सब कुछ पहले जैसा ही चल रहा था सुबह खेतों में लोग काम पर निकल जाते, दोपहर में गलियाँ खाली हो जातीं और शाम होते-होते चाय की दुकानों पर भीड़ लगने लगती। रोहित का परिवार भी अपनी रोज़मर्रा की जिंदगी में व्यस्त था।उस दिन रोहित की ड्यूटी थोड़ी लंबी चली थी रेलवे स्टेशन पर inspection आने वाला था इसलिए पूरे स्टाफ पर दबाव था। शाम तक लगातार काम करते-करते उसका सिर भारी हो चुका था।स्टेशन के बाहर निकलते समय उसका एक साथी उसके पास आया।सुरेश- रोहित भाई, आज फिर उसी रास्ते से जाओगे क्या?रोहित- और कौन सा रास्ता