हास्य मैं बेवकूफ हूँ आज सुबह-सुबह मित्र रमराज ने मुझे फोन करके कहा- प्रभु! आप बेवकूफ हैं। मैंने हँसते हुए पूछा -यह बात तुझे आज इतने दिनों बाद समझ में आई? कैसा यार है तू, जो इतने दिनों में भी अपने यार को अच्छे से नहीं जान पाया। मगर यह तो बता आज तुझे ऐसा क्यों लगा कि मैं बेवकूफ हूँ, ऐसा मैंने क्या किया, जो तुझे मेरी तारीफ करने का ख्याल आया। उत्तर में यमराज ने गुस्से से कहा - प्रभु आप सचमुच बेवकूफ हैं ,आप मानोगे तो है नहीं, मगर मैं भी आज कहे