उसकी आँखें नम हो जाती हैं और फिर आदित्य अपने आंखे चुराते हूए कहता है --आदित्य (धीरे): - बस… एक ही अफसोस रहेगा…रागिनी उसकी तरफ देखती है।रागिनी: - क्या?आदित्य खिड़की के बाहर देखते हुए कहता है —आदित्य: - वो कभी ये नहीं जान पाई…कि इस दुनिया में अगर कोई उसे सबसे ज्यादा प्यार करता है…तो वो मैं हूँ।ये सुनकर रागिनी का दिल भी भर आता है। वह धीरे से आदित्य के कंधे पर हाथ रखती है और आदित्य की और दैखकर कहती है --रागिनी: - कभी-कभी सच सामने आने में देर लगती है आदित्य…पर जब आता है… तो सब बदल