तेरे मेरे दरमियान - 104

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इस बार शमिका तुरंत भरोसा नहीं करती क्योंकी उसने सुबह विकी के फोन पर वो रिपोर्ट बदलने वाली मेसेज दैखी थी । वह शांत लेकिन ठंडी आवाज़ में कहती है —जानवी :- अगर ये झूठ है… तो साबित करो।विकी समझ जाता है कि अब मामला उसके हाथ से निकल रहा है।कुछ समय बाद मोनिका का घर शाम का समय था। मोनिका के घर के दरवाजे की घंटी बजती है। मोनिका दरवाजा खोलती है… और सामने जानवी और शमिका को देखकर एक पल के लिए चौंक जाती है।मोनिका (हैरानी से): - तुम लोग… यहाँ?शमिका का चेहरा गंभीर था। शमिका सिधे मोनिका