जंगल - 36

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-------------------------------- "उलझन " उपन्यास जरूरी नहीं सब को पसंद ही आये, हो सकता है जो आप सोचते हो, वो नहीं हो.... आज लोगों की समस्या कया है " पोर्न कुछ देखा जाये.... " देख कर कया करते है, सोचते है, हम ऐसा कयो नहीं कर पाते... " बेवकूफ लोग है। "सोचते है जयादा ---- ये नहीं सोचते कि वो कया कितनी शिफ्ट लगी होंगी... कितने एक्शन बोलेगे... फिर कही जा कर फ़िल्म पोर्न तैयार होंगी।" कोई फर्क नहीं पड़ता..." बहुत तो ऐसा कहते है, स्त्री को कोई फर्क नहीं पड़ता... कयो ? यही उलझन आज सब के सामने रख रहा