दोस्ती

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आज संदलपुर में रौनक ही रौनक थी क्योंकि आज बहुत ही पहुंचे हुए संत गांव में आए थे। विजेंद्र का दोस्त उसके पास आया। ओए वीजू आज बाबा महात्मा आए है बड़े ज्ञानी बाबा है उनको सुनने चलेंगे। अरे यार रामू तू जानता है न मैं क्या करूंगा वहां जाकर। मुझे कुछ समझ में तो आता नहीं। अरे बहुत बड़े महात्मा है समझ में न आएगा तो कोई बात नहीं दर्शन तो कर ही लेंगे।  अब यार मन तो नहीं है पर तू कह रहा है तो चलना तो पड़ेगा ही नहीं तो तू परेशान ही करता रहेगा। बह बेमन से रामू के साथ चल दिया। दोनों बचपन