श्रापित एक प्रेम कहानी - 74

(29)
  • 1.1k
  • 546

त्रिजला कहती है। . जब आप इतने वर्षो से यहां पर बंद तो फिर कालदामु ने इसकी सुचना हम तक क्यो नही पहूँचायी और फिर इस संकट मे वो किसी और से भी सहायता क्यो नही मांगी । कुंम्भन ये सब सौचकर परेशान हो जाता है। तब कुंम्भन अपने आप से कहता है। > मुझे कालदामु पर भी नजर रखनी होगी और सिघ्र ही देत्य लोक पहूँचकर वहां की सुख सुविधा का ख्याल रखना होगा। क्योकी अगर ये सारा किया कालदामु है तो फिर उससे देत्य लोक को भी संकट है । और फिर वहां पर मृदुला भी तो है उसका क्या ? पता