कलयुगी तपस्वी - यूनिकॉर्न

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 "ओए रोशन, ट्यूबवेल का पानी बंद करा कि नहीं? स्कूल जाने से पहले बंद कर देना याद से। "  कहते हुए रोशन के बापूजी ने साइकिल आगे बढ़ा दी और अपने ऑफिस चले गए।  रोशन ने नजर उठाकर बापूजी को जाते देखा और अपना दूध का गिलास खत्म करके, गले में स्कूल का बैग डालकर टुयूब वैल की ओर बढ़ गया। उसका स्विच ऑफ करके वह जाते हुए पानी को निहार रहा था, साथ ही सोच रहा था कि प्रकृति के करिश्मे तो इंसान को हैरान करते ही हैं लेकिन इंसान के बनाए करिश्मे भी इंसान की नींद उड़ाने के