रात का अंधेरा बहुत गहरा था…आसमान में बादल ऐसे छाए थे जैसे किसी अनहोनी का इंतज़ार कर रहे हों।एक पुराने खंडहर जैसे महल के अंदर…लाल रोशनी टिमटिमा रही थी। वहीं धीरे-धीरे एक लड़की बाहर आती है —सिद्धिका…उसने लाल रंग की साड़ी पहनी थी, बिल्कुल एक सुहागन की तरह, लेकिन उसके चेहरे पर मासूमियत के साथ एक डरावनी शांति थी।उसकी आँखें हल्की-सी लाल चमक रही थीं… और जब वो मुस्कुराई, तो उसके नुकीले वैंपायर दाँत दिखाई दिए। सिद्धिका कोई साधारण लड़की नहीं थी…वो एक वैंपायर थी।उसकी सबसे खास बात थी उसकी दोस्ती बुराई और अंधकार से।खून, डर और शैतानी ताकतें उसके