राधा का संगम - प्रकरण 18

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                               राधा का संगम - प्रकरण 18          दादू की अर्थी कभी भी उठ सकती थी. यह जानते हुए भी सुकू उन से शादी करने को तैयार हो गई थी और अपने मा बाप को भी छोड़ दिया.             क्या यह ऊस की बेवकूफी थी? नादानी थी?            कुछ समज नहीं आ रहा था.            वह हर बार एक ही बात दोहराती थी. " यह मेरी रूह का फेंसला हैं. "            एक 23 वर्षीय लड़की जो मानस शास्त्र की अभ्यासी थी वह कितने विश्वास से रूह की बातें करती थी..            ऊस ने दादू से शादी कर