इस घर में प्यार मना है - 36

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घर में आज खास दिन था…नन्ही परी के नामकरण का। सब हॉल में बैठे थे…बीच में छोटी सी गुड़िया… सबकी आँखों का तारा सबसे पहले मोहन कूदा —मैं नाम रखूँगा!इसका नाम है — ‘चुलबुली’ सब हँस पड़े।पारो बोली - ये कोई नाम है??पारो ने प्यार से बच्ची को देखा —पारो बोली - मुझे लगता है इसका नाम ‘आराध्या’ होना चाहिए… कितना प्यारा है ना संस्कृति हल्की मुस्कान के साथ बोली —संस्कृति बोली - मुझे ‘सान्वी’ अच्छा लग रहा है…सबकी नज़र अब कार्तिक पर गई। वो चुप था…बस अपनी बेटी को देख रहा था। कार्तिक धीरे से उठा…और बच्ची को गोद में लिया।उसने प्यार