राधा का संगम - प्रकरण 9 उर्वशी बहुत डिमांडिंग टाइप थी. मैंने कभी ऎसा सोचा भी नहीं था हम लोग का रिश्ता इतनी हद तक आगे बढ़ जायेगा. ऊस पल मुझे ऎसा लगा था, भगवान ने इतने साल की प्यार की कमी उर्वशी के रूप मै पूरी कर दी थी. सेक्स के मुआमले मै वह दो कदम आगे रही थी. जो मैंने सपनो मै भी नहीं सोचा था वह ऊस ने मुझे