भगवान् नरसिंह का अवतारक्षीर सागर में लेटे भगवान् विष्णु माता लक्ष्मी की ओर देखकर मुसकरा रहे थे। उन्होंने माता लक्ष्मी के मुखमंडल पर चिंता की रेखाओं को देखते हुए कहा, “क्या बात है महामाया! तुम इतनी चिंतित क्यों हो ?” “प्रभु! मैं भली-भाँति जानती हूँ कि आप मेरी चिंता के कारण से परिचित हैं तो फिर मैं क्या वर्णन करूँ ?” माता लक्ष्मी गंभीर स्वर में बोलीं।“तुम्हारा कथन सत्य है देवी!” प्रभु ने मुसकराते हुए कहा, “हम तुम्हारी चिंताओं के कारण से ही नहीं, बल्कि लोक-परलोक की चिंताओं के कारण से भी भली प्रकार परिचित हैं।”“प्रभु! तो फिर आप इन चिंताओं