भक्त प्रह्लाद - 16

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होलिका-दहनप्रह्लाद को सुरक्षित देख हिरण्यकशिपु ईर्ष्याग्नि में जलने लगा था। उसने कृत्रिम प्रेम प्रकट करते हुए प्रह्लाद से पूछा,“प्रह्लाद! तुम्हारे पास ऐसी कौन सी विद्याशक्ति है, जिस कारण तुम सुरक्षित बच जाते हो ?” प्रह्लाद ने हिरण्यकशपु की ओर देखते हुए कहा, “पिताश्री, मेरे पास प्रभु श्रीहरि विष्णु की भक्ति की शक्ति है और मैं आपसे न जाने कितनी बार कह चुका हूँ कि आप अपनी शक्ति का अभिमान त्यागकर प्रभु का स्मरण करें तो यह आपके लिए हितकर होगा।”प्रह्लाद की इस प्रकार की बातों ने शांत व्यवहार कर रहे हिरण्यकशिपु के तन-मन में एक बार फिर आग लगा दी। बार-बार