शहद की गुड़िया - प्रकरण 88 88 ".कई साल बाद दोबारा मुझे अपने पिताजी की तरह एसिडिटी का अटैक आया था." " यह बीमारी मुझे भी विरासत में मिली थी. " " उस के लिये मेरी पास एक ही इलाज उपलब्ध था. " ' इनो! ' " वह लेने से मुझे जल्दी आराम हो जाता था." " लेकिन इस बार कुछ ज्यादा दर्द हो रहा था. " मेरे लिये