काली ने धीरे से कहा।काली :- मेरा क्या है? मैं सज़ा काट लूँगा…फिर नई ज़िंदगी शुरू कर लूँगा।उसने विकास की तरफ सीधा देखा—काली :- पर तू…तेरी दुनिया यहीं खत्म होगी।ये सुनकर विकास का गुस्सा फूट पड़ा।विकास :- तूने मुझे बर्बाद कर दिया, काली!वो चिल्लाया। विकास :- तू चाहता तो मुझे रोक सकता था! तू चाहता तो ये सब नहीं होता! जब तुझे पता था तो बोलना था ना काली ।काली :- क्या करता बोलके , बता .. तु क्या कर लेता , तुने मुझे फंसा के खुद बचना चाहा , अरे मैने तेरा हर काम किया , जब भी तुने कहा