Mafia's Obsessed Love - 8

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अब तक ....ठीक उसी वक्त, कहीं दूर स्टेशन पर एक ट्रेन रुकती है…और उस ट्रेन में चढ़ती है श्री — कांपते हाथों से टिकट पकड़कर, चेहरे पर डर और उम्मीद दोनों लिए।ट्रेन धीरे-धीरे चल पड़ती है…ट्रेन की खिड़की से बाहर झांकते हुए श्री धीरे से फुसफुसाती है —“अब जो भी होगा… वो भगवान भरोसे।"आगे.....श्री आपने मन में अभी ये सोची ही रही थी कि उसे याद आता है उसने तो अभी तक अपनी friend को बताया ही नहीं वह दिल्ली आ रही है ....      वो जल्दी से अपना फोन निकलती है और कॉल लिस्ट चेक करने लगती है ।