अगस्त्य ने अपनी दोनों बाहों से Ratri को थाम लिया,जैसे उसकी सारी दुनिया सिर्फ इसी पल में सिमट गई हो।“Ankhe kholo… Ratri…”उसकी आवाज़ का हर लफ़्ज़ एक गहरा सा प्यार और डर लेकर आ रहा था,जैसे वक्त खुद रुका हुआ हो।एक पल में ही Agastya की आँखें आँसुओं से भर गई…और फिर उनमें ख़ून उतर आया, जैसे उसका दिल और दिमाग दोनों एक ही साथ झंझुटा रहे हों।Ratri का कोई जवाब न आने पर,उसने दांतों को पीसते हुए कहा:“क्या याद दिलाया तुमने इसे…?Jaan pyari है तो जितना पता सब बताओ…”वो औरत, जो इस पूरी scene की गवाह थी,थोड़ी देर के