शहद की गुड़िया - रंजन कुमार देसाई (73)

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                                  शहद की गुड़िया- प्रकरण 73           " सपनो के अभाव से गली, और जरूरी लगन की कमी से मैं मोहल्लेकी क्रिकेट से कभी दादू आगे बढ़ नहीं पाये थे. "            " फिर भी क्लास के एक लडके की वजह से आंतर शालिय टूर्नामेंट में उन्हें खेलने का मौका मिला था.. ऊस ने दादू को बड़े लोगो के साथ खेलते हुए देखा था.. "          " वह बहुत क्रिकेट खेले थे.. बडे लोगो के साथ कई मैच भी खेले थे.एक बार ग्यारहवे नंबर पर बेटिंग कर के  नाबाद 19 रन भी बनाये थे."         "बोलिंग