शहद की गुड़िया - प्रकरण 71 "दादू को बिना बजह कुछ लोगो ने खूब सताया था. " सब से ऊस में हसमुख का नाम था. वह एक जमाने में दादू का दोस्त था. इस लिये उन्होंने उसे सहयोग दिया था. लेकिन बदलते हालात ने दादू को अपने कदम पीछे खिंचने के लिये मजबूर किया था. " " तब हसमुख ने अपने मतलब के लिये सुहानी को गलत राह चलने में उकसाया था. " " उसे हसमुख पर अंधाधुंध विश्वास था. वह डबल गेम खेलता था, एक बाजू सुहानी को मदद करने का दावा करता था और दूसरी ओर