धुंधली यादें: एक अधूरी दास्तान भाग 4अध्याय 1: समय का आईना और यादों की गूँजदिल्ली की सुबह अब पहले जैसी सर्द नहीं रही थी, लेकिन आर्यन के लिए उसकी तासीर वैसी ही थी। वह अब सत्तर की उम्र पार कर चुका था। उसके बाल पूरी तरह सफ़ेद हो चुके थे, लेकिन उसकी आँखों में अभी भी वही पुरानी इमारतों वाला सपना ज़िंदा था। वह अपने पुराने घर के बरामदे में बैठा था, जहाँ मीरा के पुराने कैनवस अब भी रखे थे।मीरा रसोई से चाय लेकर आई। उसके हाथों में अब वो कंपन था, जो समय की मार से आता है।