एपिसोड 3: राजेश का सरप्राइज़ और आरव की जलनरात का सन्नाटा था। रिया बिस्तर पर लेटी हुई थी, लेकिन नींद उसकी आंखों से कोसों दूर थी। फोन की स्क्रीन पर आरव का मैसेज चमक रहा था – “आज का दिन जिंदगी का बेस्ट। कल फिर मिलें?” दिल धड़क रहा था, होंठों पर मुस्कान थी। तभी दरवाजे की घंटी बजी। मां ने दरवाजा खोला। सामने राजेश खड़ा था – हाथ में गिफ्ट, चेहरे पर आत्मविश्वास। “नमस्ते आंटी, रिया जी से मिलने आया हूं। कल हमारी फैमिली ने शादी की बात की थी, सोचा आज खुद आकर बात करूं।” मां खुश हो गईं।