दीवाने की दिवानियत - एपिसोड 58

  • 753
  • 372

नई सुबहपटना से उठी "विश्वास विश्वविद्यालय" और "विश्वास दल" की रोशनी अब पूरी दुनिया में फैल चुकी थी। हर देश में लोग हथियारों की जगह किताबों की ओर बढ़ रहे थे।  पृथ्वी सुबह बच्चों के बीच खड़ा था। उनकी हँसी और पढ़ाई की आवाज़ें उसे सुकून दे रही थीं।  सनाया पास आई और बोली, “अब हमें इस रोशनी को स्थायी संकल्प में बदलना है। यही हमारी असली जिम्मेदारी है।”  पृथ्वी ने दृढ़ता से कहा, “हाँ। अब विश्वास का स्थायी संकल्प पूरी दुनिया को दिशा देगा।”  ---शिक्षा का स्थायी संकल्पटीम ने शिक्षा अभियान को स्थायी संकल्प बनाने का निर्णय लिया।  - दिल्ली में शिक्षा को अनिवार्य