शहद की गुड़िया - प्रकरण -34 " मेरे प्यारे वाचकों, मित्रो मैंने अब तक मेरे दादू के बारे में बहुत कुछ बताया हैं. ऊस की बातों में जो विशिष्ट था वह आप ने देखा होगा.. वह कुछ भी हैं लेकिन उन की रगरग में सच्चाई का वास हैं, वह एक छोटे बच्चों की तरह मासूम, भोले थे ऊस का एहसास भी किया था. एक एप संचालक का मन उन्हो ने जीत लिया था यह सब से बड़ी बात हैं. मुझे एक पल एप छोड़कर उन से शादी करने का ख्याल आया था यह वाकई में एक बहुत बड़ी बात