श्रापित एक प्रेम कहानी - 63

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आलोक का नाम सुनते ही संपूर्णा का चैहरा खुशी से लाल हो जाता है। संपूर्णा अपनी खुशी को छिपा नही पा रही थी इसिलिए संपूर्णा सर्मा के वहां से दौड़कर भाग जाती है। सभी संपूर्णा की चेहरे की खुशी दैखकर समझ जाता है के संपूर्णा इस रिश्ते से बहुत खुश है। उधर वर्शाली मणी के बारे मे सौच रही थी के तभी एकांश वर्शाली से कहता है--> क्या बात है वर्शाली ? तुम किस सौच मे पड़ गयी। एकांश की बात सुनकर वर्शाली कहती है---> वो मैं मणी के बारे मे सौच रही थी एकांश जी। एकांश पुछता है--> मणी के बारे मे