कहानी के दूसरे भाग (Part 2) की तरफ बढ़ते हैं, जहाँ इस रहस्यमयी घटना के बाद की सस्पेंस और थ्रिलर से भरी जाँच शुरू होती है।धोखाधड़ी करने वाले विक्रेता: हिस्सा-2 (जाँच का खौफ़)वाराणसी पुलिस के सबसे काबिल इंस्पेक्टर, विनायक, 'अनंत विंटेज पैलेस' के अंदर खड़े थे। चारों तरफ सन्नाटा था, लेकिन हवा में अभी भी उस रात की भारीपन और सड़न की बू महसूस की जा सकती थी। फर्श पर अभिषेक की लाश के इर्द-गिर्द सफेद चाक से निशान बनाया गया था।विनायक ने दस्ताने पहनकर उस नकली हार को उठाया जो अभिषेक के गले में गहरे धंसा हुआ था। अजीब बात