चुपके-चुपके आऊँगा - भाग 6

(462)
  • 1.9k
  • 1
  • 624

लेखक -एसटीडी मौर्य ️जैसा कि पिछले भाग में हुआ था, प्रियांशी के पापा मुझसे कई बातें पूछ चुके थे—मेरे घर-परिवार के बारे में, पढ़ाई के बारे में और मैं क्या करता हूँ उसके बारे में। मैं भी शांत होकर उनके हर सवाल का जवाब दे रहा था। तभी उन्होंने मुस्कुराते हुए मेरी तरफ देखा और एक और सवाल पूछा, जो मेरे लिए थोड़ा अलग था।उन्होंने कहा— “बेटा, क्या मैं तुम्हारा पूरा नाम जान सकता हूँ?”यहीं से आगे की बात शुरू होती है…फिर प्रियांशी के पापा मुस्कुराते हुए कहने लगे—“बेटा, तुमने मेरा दिल जीत लिया। मैं तुमसे बहुत प्रभावित हूँ, क्योंकि