खतरनाक सुहागरात

(231)
  • 6k
  • 2k

खतरनाक शुहागरातअध्याय 1: वादाहवा में गुलाब की पंखुड़ियाँ बिखरी हुई थीं और मंदिर की घंटियों की गूंज अभी भी कानों में बसी हुई थी। रात का सन्नाटा धीरे-धीरे शहर की दूर तक फैली रौशनी को निगल रहा था। करण अपनी नई दुल्हन, नैना का हाथ थामे पांच सितारा होटल के लिफ्ट की ओर बढ़ रहा था। उसके चेहरे पर एक अजीब सी मुस्कान थी, जो एक सामान्य दूल्हे की उत्तेजना से कहीं अधिक गहरी और रहस्यमयी लग रही थी।नैना ने साड़ी के पल्लू को ठीक किया और करण की तरफ देखा। वह आज बेहद खूबसूरत लग रही थी, लेकिन उसकी