दिन का बॉयफ्रेंड – भाग 2कैफे से बाहर निकलते समय आसमान में हल्का अंधेरा छाने लगा था।सड़क की लाइटें जलने लगी थीं और शहर की रफ्तार फिर तेज़ हो गई थी।सिया धीरे-धीरे चल रही थी।आर्यन उसके साथ कदम मिलाकर चल रहा था, लेकिन उसके मन में अभी भी वही सवाल घूम रहा था।“अब कहाँ चलना है?” आर्यन ने पूछा।सिया ने हल्की मुस्कान के साथ कहा—“एक जगह… जहाँ मैं अक्सर आती थी।”दोनों टैक्सी में बैठ गए।करीब बीस मिनट बाद टैक्सी एक शांत से इलाके में रुकी।वह जगह शहर की भीड़ से बिल्कुल अलग थी।एक छोटा सा पार्क, जहाँ कुछ ही लोग