अन्तर्निहित - 37

[37]“राहुल, तुमने वत्सर को छोड़ दिया? हमें अपने साथ लेकर चलना था।”“सोनिया, तुम जानती हो कि वहाँ सारा गाँव जमा हो गया था। वहाँ से भागते नहीं तो हम फंस जाते।”“अब क्या? वह मंगलवार को न्यायालय नहीं पहुँचा तो क्या होगा?” “वह अवश्य आएगा।”“नहीं आया तो?”“वत्सर सामान्य नागरिक है भारत का, कोई विशिष्ट व्यक्ति या राजनीति करनेवाला नहीं है। अत: वह अवश्य आएगा।”“सो तो है।”“वैसे तो हम उस मंदिर से खाली हाथ लौट आए हैं, अभी हम यहीं छिपकर ही रहेंगे। देखते हैं कि वत्सर क्या करता है। थोड़ा सा भी संदेह हुआ तो पकड़ लेंगे।”“उस समय गाँव वाले होंगे तो?”“रात