एपिसोड 14: साम्राज्य या प्यार?रात के सन्नाटे में बंगले की बालकनी पर खड़ी अनन्या दूर आसमान को देख रही थी। ठंडी हवा उसके बालों को उड़ा रही थी, लेकिन उसके अंदर आग धधक रही थी – राव का आखिरी मैसेज कानों में गूँज रहा था:"मेरा साम्राज्य तेरा। कुर्सी पर बैठ… या ट्विन्स खतरे में।"पीछे से हल्के कदमों की आहट आई। आर्यन आया, उसके कंधे पर शॉल रख दी।"ठंड लग जाएगी, शेरनी," उसने धीमे से कहा।अनन्या की आँखें भर आईं।"आर्यन… अगर मैं राव की कुर्सी स्वीकार करूँ, तो क्या तुम… मेरा साथ दोगे?"आर्यन ने बिना सोचे जवाब दिया,"मैं तेरा साथ दूँगा,