Monalisa Smile - 5

  • 930
  • 333

वह घबराते हुए उठा और स्टोर रूम के दरवाजे की ओर देखा। वह अब आधा खुला था।"ये… ये कैसे हो सकता है?" उसका दिमाग जैसे सुन्न पड़ गया। खुले दरवाजे से धीरे से भीतर दाखिल हुआ। कमरे के भीतर लाइट नहीं थी। उसने अपना मोबाइल निकाला और टॉर्च शुरू की।" रमेश , कहां है तू.."अपने दोस्त को आवाज लगाते हुए वह एक एक कदम आगे बढ़ने लगा। पूरा स्टोर रूम देख लिया, अब वह स्टोअर रूम के आखिरी छोर तक पहुंच गया था। पर उसका दोस्त कहीं नहीं था तभी उसके कानों पर दरवाजा खुलने की आवाज आई। उसने पीछे मुड़कर